संख्या श्रेणी/नंबर सीरीज/number series/sankhya shreni

संख्याओं का ऐसा समूह जिसको एक निर्धारित नियम अनुसार एक श्रेणी में रखा जाता है उसे संख्या श्रेणी कहते हैं। ऐसी श्रेणी हमेशा किसी पैटर्न के द्वारा लिखी जाती हैं।

संख्या श्रेणी के प्रकार (types of series)

संख्या श्रेणी को कई प्रकार से बांटा जा सकता है इसके कुछ प्रकार नीचे बताए गए हैं।जो इस प्रकार है-

समानांतर श्रेणी (arithmetic series)

अगर किसी संख्या श्रेणी की दो लगातार संख्याएं हमेशा समान अंतर दर्शाए तो वह समानांतर श्रेणी होती है

दूसरे शब्दों में

यदि किसी संख्या श्रेणी की दो क्रमागत संख्याओं का अंतर हमेशा बराबर हो तो वह श्रेणी समानांतर श्रेणी कहलाती है।

उदाहरण- 12,16,20,24,28,32

जैसा कि आपने उदाहरण में देखा सभी संख्याओं के बीच में 4 का अंतर है इसका मतलब यह समानांतर श्रेणी है

बढ़ते क्रम में जोड़ या घटाव श्रेणी

अगर किसी संख्या श्रेणी की दो क्रमागत संख्याओं का अंतर संख्या में बढ़ते क्रम में या घटते क्रम में हो तो वह बढ़ते क्रम में जोड़ या घटाओ श्रेणी होती है।

उदाहरण के लिए

नीचे दिए गए श्रेणी में प्रश्नवाचक चिन्ह के स्थान पर क्या आएगा?

3,5,8,12,17,23,?

उत्तर- जैसा कि हम देख सकते हैं

गुणोत्तर श्रेणी (Geometric series)

यदि किसी संख्या श्रेणी में दो क्रमागत संख्याओं का अनुपात हमेशा बराबर हो तो वह श्रेणी गुणोत्तर श्रेणी कहलाती है

बढ़ते क्रम में गुणा या भाग श्रेणी

किसी दी गई संख्या श्रेणी में अनुपातिक अंतर बढ़ते क्रम में हो या घटते क्रम में हो तो वह बढ़ते क्रम में गुणा भाग श्रेणी में आता है

समांतर गुणोत्तर श्रेणी

जैसा कि नाम से ही पता चलता है यह समांतर श्रेणी और गुणोत्तर श्रेणी का मिलाजुला रूप है।

सबसे पहले किसी संख्या में कुछ जोड़ते हैं या घटाते हैं और फिर किसी अंक की गुणा करते हैं

गुणोत्तर समांतर श्रेणी

इसके नाम से आप यह तो समझ गए होंगे कि यह समांतर गुणोत्तर श्रेणी की विपरीत है इसमें हम पहले गुणा करते हैं फिर जोड़ते या घटाते हैं।

अभाज्य संख्याओं की श्रेणी

वे संख्याएं जिनका एक और स्वयं के अलावा कोई गुणनखंड नहीं होता वे संख्याएं अभाज्य संख्या कहलाती हैं तथा इन संख्याओं से बनी श्रेणी को अभाज्य संख्याओं की श्रेणी कहा जाता है।

संयोजित श्रेणी

संयोजित श्रेणी का मतलब है की श्रेणी में कोई एक निश्चित नियम लगाया जाता है जिसे पूरी श्रेणी में इस्तेमाल किया जाता है वह कोई बीजगणितीय नियम हो सकता है या जोड़ और घटाव का नियम हो सकता है।

संयोजित श्रेणी के कुछ तरीके नीचे बताए गए हैं

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